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प्रेम वीर धन्य है में बुढ़िया के गहने अख़बार अभी भी किसी की नजरों में उदासीन दिखता है बजता दुर्गा जी के भजन कठिन परिश्रम डंका मकड़ी की जाल के समान संसार लेकिन तू चाय के साथ वाली नमकिन नही... हो सके तोह दूर ही रहना सूरज अंबर में यादें यादोमें तोह हम हमेशा ही साथ रहेंगे शान बढ़ाकर संसार को आवाह्न किया

Hindi गुरूदेव के श्रीचरणों में Audios