STORYMIRROR

बजता प्रेम डंका इन दिखावे वालें अपनों से... माता रानी का भजन अभी भी अख़बार मकड़ी की जाल के समान संसार सूरज शान बढ़ाकर लेकिन तू चाय के साथ वाली नमकिन नही... हो सके तोह दूर ही रहना किसी की नजरों में दुर्गा जी के भजन कठिन परिश्रम उदासीन दिखता है अंबर में बुढ़िया के गहने यादें इस ख्वाबो वाली सपनों से... हमेशा जरा बचके ही रहना पगली वीर धन्य है

Hindi गुरूदेव के श्रीचरणों में Audios